Article 370 ? simply explained
जम्मू और कश्मीर को भारत का स्विट्ज़रलैंड कहा जाता है. यहाँ की हरी भरी वादियाँ, साफ स्वच्छ हवा और पानी इस प्रदेश को वाकई स्वर्ग सा बना देते हैं. लेकिन कुछ सालों से कश्मीर की इन वादियों में बारूद की दुर्गन्ध आ रही है. इसके पीछे कारण है यहाँ के अलगावबादी नेताओं की स्वार्थपरक राजनीति और कुछ कानूनी पेचगीदियाँ जैसे आर्टिकल 370 और आर्टिकल 35A. भारत को आजादी मिलने के बाद अगस्त 15, 1947 को जम्मू और कश्मीर भी आजाद हो गया था. भारत की स्वतन्त्रता के समय राजा हरि सिंह यहाँ के शासक थे, जो अपनी रियासत को स्वतन्त्र राज्य रखना चाहते थे. लेकिन 20 अक्टूबर, 1947 को पाकिस्तान समर्थित ‘आजाद कश्मीर सेना’ ने पाकिस्तानी सेना के साथ मिलकर कश्मीर पर आक्रमण कर दिया और काफी हिस्सा हथिया लिया था. 👉 इस नये समझौते के तहत जम्मू & कश्मीर ने भारत के साथ सिर्फ तीन विषयों: रक्षा, विदेशी मामले और संचार को भारत के हवाले कर दिया था. समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद भारत सरकार ने वादा किया कि “'इस राज्य के लोग अपने स्वयं की संविधान सभा के माध्यम से राज्य के आंतरिक संविधान का निर्माण करेंगे और जब तक राज्य...